उत्सव सेवा

‘‘यज्ञ, दान तथा तपस्या के कर्मों का कभी परित्याग नहीं करना चाहिए अपितु उन्हें अवश्य संपन्न करना चाहिए । क्योंकि यज्ञ, दान तथा तपस्या महात्माओं को भी शुद्ध बनाते हैं" - ऐसा भगवान श्रीकृष्ण ने भगवद्गीता के अध्याय 18 के श्लोक 5 में कहा है।

अतः किसी व्यक्ति को कभी भी नियत यज्ञ, दान, तथा तपस्या को करने से नहीं चूकना चाहिए, क्योंकि ये कर्म परम् भगवान की कृपा प्राप्त करके जीवन में कल्याण करने वाले होते हैं ।

हम इस अगस्त तथा सितम्बर 2020 के मास में मनाने जा रहे हैं, श्री बलराम पूर्णिमा, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, नन्दोत्सव तथा श्रील प्रभुपाद व्यास पूजा और श्री राधाष्टमी का पावन पर्व । हम आपसे निवेदन करते हैं कि इन उत्सवों पर उदारतापूर्वक दान करने तथा श्री श्री राधाकृष्ण, श्री बलराम और श्रील प्रभुपाद की असीम कृपा प्राप्त करें ।

श्री बलराम पूर्णिमा

श्री बलराम प्राकट्य दिवस - 3 अगस्त, 2020

श्री कृष्ण जन्माष्टमी

श्री कृष्ण प्राकट्य दिवस - 12 अगस्त, 2020

नंदोत्सव एवं व्यास पूजा

नंदोत्सव एवं श्रील प्रभुपाद व्यास पूजा - 13 अगस्त, 2020

श्री राधाष्टमी

श्रीमती राधारानी प्राकट्य दिवस  - 26 अगस्त, 2020

विविध सेवा विकल्प नीचे दिये गए हैं । कृपया आप इच्छानुसार सेवा विकल्प का चयन करें जिसके लिए आप योगदान देने में समर्थ हों । अपनी विस्तृत जानकारी भरें तथा आप सीधे भुगतान गेटवे पर चले जाएँगे । प्रत्येक योगदान, छोटा या बड़ा, अत्यंत महत्वपूर्ण है । आपका योगदान हमें इन उत्सवों को बड़े ही हर्षोल्लास तथा भव्य रूप से मनाने में समर्थ बनाता है ।

सभी प्रकार के दान में आयकर की धारा 80C के तहत् आयकर में विशेष छूट का प्रावधान है ।

इन सभी सेवाराशियों में चारों महोत्सवों का बजट सम्मिलित है ।

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