हमारे बारे में

GIVE का परिचय

गौरांग इंस्टीट्यूट फॉर वैदिक एजुकेशन (GIVE) एक अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक संस्था (NGO) है, जिसे कृष्ण कृपा पात्र श्री वृन्दावनचन्द्र दास जी द्वारा स्थापित किया गया है । GIVE समान विचारधारा वाले भक्तों की एक ऐसी संस्था है जो कि भारत के शाश्वत वैदिक ज्ञान को सारे विश्व में प्रचारित करने के लिए कटिबद्ध है, जिस ज्ञान का सार श्रीमद् भगवद् गीता है । यह ज्ञान आज भी उतना ही उपयोगी और प्रासंगिक है जितना यह उस समय था जब पांच हज़ार वर्ष पूर्व भगवान् श्री कृष्ण के द्वारा अपने मित्र और भक्त अर्जुन को प्रदान किया गया था । आज के गतिमान, कलहपूर्ण और कोलाहल एवं उठा पटक से भरे इस युग में यह और भी अधिक प्रासंगिक हो जाता है ।  इस ज्ञान के प्रसार हेतु ही सन 2007 में GIVE की स्थापना की गयी।

हम श्री चैतन्य महाप्रभु (भगवान् श्री कृष्ण, जिन्हें गौरांग महाप्रभु भी कहा जाता है) द्वारा स्थापित हरे कृष्ण आंदोलन के ही भाग हैं, जिसे गौरांग महाप्रभु ने 525 वर्ष पूर्व प्रचलित किया था । हमारी संस्था का नाम उन्हीं के नाम पर  है । श्री गौरांग महाप्रभु की इच्छा थी कि प्रत्येक जीव श्रीमद् भगवद् गीता की शिक्षाओं का पालन करके अपने मूल घर, भगवद्धाम वापस जाए ।